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बिहार में स्व–गणना अभियान को जोरदार रफ्तार, 20 लाख से ज्यादा परिवार जुड़े

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बिहार में 17 अप्रैल से शुरू स्व–गणना अभियान में 20 लाख से अधिक परिवार जुड़े। वैशाली, मधुबनी और खगड़िया शीर्ष जिलों में शामिल। 1 मई तक जारी रहेगा अभियान।

पटना/आलम की खबर:बिहार में जनगणना 2027 के तहत चल रहा स्व–गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) अभियान तेजी से रफ्तार पकड़ रहा है और शुरुआती दिनों में ही इसे व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। 17 अप्रैल से शुरू इस डिजिटल पहल में अब तक 20 लाख से अधिक परिवार जुड़ चुके हैं, जो राज्य में बढ़ती जागरूकता और तकनीकी भागीदारी का संकेत है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इनमें से करीब 18.98 लाख परिवार अपनी जानकारी दर्ज कर प्रक्रिया पूरी भी कर चुके हैं, जबकि शेष परिवारों ने अभी शुरुआत की है।

यह अभियान राज्य में जनगणना की प्रक्रिया को आधुनिक और आसान बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। पहले जहां जनगणना पूरी तरह सरकारी कर्मियों के माध्यम से होती थी, वहीं अब नागरिक खुद आगे बढ़कर अपनी जानकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज कर रहे हैं। इससे न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि डेटा की सटीकता भी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

जिलों में प्रतिस्पर्धा, वैशाली सबसे आगे

स्व–गणना अभियान में जिलों के बीच एक तरह की प्रतिस्पर्धा भी देखने को मिल रही है। आंकड़ों के मुताबिक, वैशाली जिला इस अभियान में सबसे आगे चल रहा है, जहां लाखों परिवार इस प्रक्रिया से जुड़ चुके हैं। इसके बाद मधुबनी और खगड़िया दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।

इसके अलावा भोजपुर, पटना, गोपालगंज, औरंगाबाद, पश्चिम चंपारण, दरभंगा और रोहतास जैसे जिले भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी दिखा रहे हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि शहरी के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी डिजिटल पहल को लेकर उत्साह बढ़ रहा है।

डिजिटल जनगणना की ओर बड़ा कदम

स्व–गणना की यह पहल डिजिटल इंडिया के विजन को भी मजबूती देती है। अब नागरिक अपने मोबाइल या लैपटॉप के माध्यम से ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर खुद ही अपनी जनसंख्या संबंधी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुगम बन रही है।

अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की पहल से भविष्य में जनगणना की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी हो जाएगी। साथ ही, इससे सरकारी योजनाओं को लागू करने में भी आसानी होगी, क्योंकि डेटा अधिक सटीक और अद्यतन रहेगा।

1 मई तक जारी रहेगा अभियान

सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि स्व–गणना की प्रक्रिया 1 मई 2026 तक जारी रहेगी। इस दौरान जिन परिवारों ने अभी तक इसमें भाग नहीं लिया है, वे आसानी से ऑनलाइन जाकर अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए विशेष जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें शामिल हो सकें।

अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह संख्या और तेजी से बढ़ सकती है, क्योंकि लोगों में इसको लेकर जागरूकता लगातार बढ़ रही है। ग्रामीण इलाकों में भी अब लोग मोबाइल के जरिए इस प्रक्रिया में भाग ले रहे हैं।

अगले चरण की तैयारी भी शुरू

स्व–गणना अभियान के बाद अगला चरण 2 मई से शुरू होगा, जिसमें मकान सूचीकरण और आवास गणना का कार्य किया जाएगा। इस चरण में प्रगणक (एन्यूमरेटर) घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। यह प्रक्रिया 31 मई तक चलेगी।

नागरिकों से अपील की गई है कि वे स्व–गणना के बाद प्राप्त एसई आईडी को सुरक्षित रखें और जब प्रगणक उनके घर आएं, तो उसे दिखाएं। इससे डेटा का मिलान सही तरीके से हो सकेगा और पूरी प्रक्रिया अधिक सटीक बन पाएगी।

बढ़ती भागीदारी से उम्मीदें

स्व–गणना अभियान में जिस तरह से लोगों की भागीदारी बढ़ रही है, उससे सरकार को काफी उम्मीदें हैं। यह न केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया है, बल्कि इसमें नागरिकों की सक्रिय भूमिका भी शामिल है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि लोग अब सरकारी योजनाओं और प्रक्रियाओं में अधिक रुचि लेने लगे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इसी तरह भागीदारी बनी रही, तो बिहार डिजिटल जनगणना के क्षेत्र में एक उदाहरण बन सकता है। इससे अन्य राज्यों को भी प्रेरणा मिलेगी और देशभर में इस तरह की पहल को बढ़ावा मिलेगा।

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